"कार्य ही पूजा है/कर्मण्येव अधिकारस्य मा फलेषु कदाचना" दृष्टान्त का पालन होता नहीं,या होने नहीं दिया जाता जो करते हैं उन्हें प्रोत्साहन की जगह तिरस्कार का दंड भुगतना पड़ता है आजीविका के लिए कुछ लोग व्यवसाय, उद्योग, कृषि से जुडे, कुछ सेवारत हैंरेल, रक्षा सभी का दर्द उपलब्धि, तथा परिस्थितियों सहित कार्यक्षेत्र का दर्पण तिलक..(निस्संकोच ब्लॉग पर टिप्पणी/अनुसरण/निशुल्क सदस्यता व yugdarpan पर इमेल/चैट करें, संपर्कसूत्र-तिलक संपादक युगदर्पण 09911111611, 09999777358

बिकाऊ मीडिया -व हमारा भविष्य

: : : क्या आप मानते हैं कि अपराध का महिमामंडन करते अश्लील, नकारात्मक 40 पृष्ठ के रद्दी समाचार; जिन्हे शीर्षक देख रद्दी में डाला जाता है। हमारी सोच, पठनीयता, चरित्र, चिंतन सहित भविष्य को नकारात्मकता देते हैं। फिर उसे केवल इसलिए लिया जाये, कि 40 पृष्ठ की रद्दी से क्रय मूल्य निकल आयेगा ? कभी इसका विचार किया है कि यह सब इस देश या हमारा अपना भविष्य रद्दी करता है? इसका एक ही विकल्प -सार्थक, सटीक, सुघड़, सुस्पष्ट व सकारात्मक राष्ट्रवादी मीडिया, YDMS, आइयें, इस के लिये संकल्प लें: शर्मनिरपेक्ष मैकालेवादी बिकाऊ मीडिया द्वारा समाज को भटकने से रोकें; जागते रहो, जगाते रहो।।: : नकारात्मक मीडिया के सकारात्मक विकल्प का सार्थक संकल्प - (विविध विषयों के 28 ब्लाग, 5 चेनल व अन्य सूत्र) की एक वैश्विक पहचान है। आप चाहें तो आप भी बन सकते हैं, इसके समर्थक, योगदानकर्ता, प्रचारक,Be a member -Supporter, contributor, promotional Team, युगदर्पण मीडिया समूह संपादक - तिलक.धन्यवाद YDMS. 9911111611: :

Sunday, June 29, 2014

मोदी के पहले ही मैच में तिहरा शतक !

मोदी ने पहले ही मैच में तिहरा शतक लगाया: आडवाणी 
surajसूरजकुंड 29 जून भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने ऐसा कोई खिलाड़ी नहीं देखा जिसने अपने पहले ही मैच में तिहरा शतक जमा दिया हो। उनका संकेत लोकसभा चुनाव में राजग को मिली 300 से अधिक सीटों की ओर था। आडवाणी ने यहां भाजपा के पहली बार निर्वाचित सांसदों के लिए आयोजित पार्टी की प्रशिक्षण कार्यशाला के समापन भाषण में कहा, ‘‘पहले ही मैच में ‘तिहरा शतक’ जमाने के लिए नरेंद्र मोदी को बधाई।’’
उन्होंने कहा, ‘‘2004 का चुनाव हारने के बाद मैं सदा भाजपा के पुन: सत्ता में आने का सपना देखा करता था। नरेंद्र मोदी ने उस सपने को सच कर दिखाया है। मैं इसके लिए भी उन्हें बधाई देता हूं।’’ उन्होंने कहा कि टेस्ट क्रिकेट में हमने सुना है कि अपने पहले मैच में कई खिलाड़ियों ने एक या दोहरे शतक जमाये हैं किन्तु मैं ऐसे किसी बल्लेबाज को नहीं जानता, जो अपने पहले ही टेस्ट मैच में कप्तान बन गया हो और उसने उसमें तिहरा शतक भी जमाया हो।
शिविर/नव सांसद नैपुण्य वर्ग में नए सांसदों के सामने बोलते हुए आडवाणी को यह कहने में कोई झिझक नहीं हुई कि भाजपा को इतनी बड़ी विजय नरेंद्र मोदी के कारण मिली। आडवाणी ने कहा, ‘‘नरेंद्र भाई की यह अनूठी उपलब्धि है। प्रधानमंत्री प्रत्याशी के रूप में अपने पहले ही चुनाव में उन्होंने 300 से अधिक सीट दिलाने में राजग का नेतृत्व किया और भाजपा को (अपने बूते अब तक की सबसे अधिक) 283 सीटें दिलाईं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इस ऐतिहासिक सफलता के लिए मैं नरेंद्र मोदी को हार्दिक बधाई देता हूं। और यदि मैं उनके मंत्रिपरिषद के प्रदर्शन के बारे में भी कहूं, तो मैं कहूंगा कि यह सफलता केवल नेता की ही नहीं, बल्कि ‘टीम मोदी’ की भी है।’’
सूरजकुंड में नए भाजपा सांसदों का दो दिन चले इस शिविर/नव सांसद नैपुण्य वर्ग में कुल 11 सत्र हुए, जिनमें नरेंद्र मोदी ने भी सांसदों को सबक दिए। दूसरे दिन आज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक सुरेश सोनी ने उन्हें पार्टी को दिशा देने वाली संघ की विचारधारा के बारे में अवगत कराया तो पार्टी के अन्य नेताओं ने आधुनिक युग के वरदान सोशल मीडिया के महत्व के साथ इसके परिणाम के प्रति आगाह किया। 
केन्द्रीय मंत्री पीयूष गोयल और प्रकाश जावडेकर ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि सोशल मीडिया को आधुनिक समय का वरदान बताने के साथ इसके और आम मीडिया की पंहुच और प्रभाव बहुत व्यापक हो गया है और भाजपा सांसदों को चाहिए कि वे पार्टी के संदेशों को पंहुचाने के लिए इसका उपयोग करें। 
उन्होंने कहा कि एक छोटी सी घटना भी अल्प समय में बड़ी संख्या में लोगों का ध्यान आकर्षित कर सकती है। 
बताया जाता है कि कई नव निर्वाचित सांसदों ने कहा कि सोशल मीडिया के प्रयोग के बारे में उन्हें अधिक जानकारी नहीं है और इस मामले में पार्टी को उनकी सहायता करनी चाहिए।
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Friday, June 27, 2014

भाजपा नवसांसद प्रशिक्षण शिविर' सूरजकुंड,

भाजपा नवसांसद प्रशिक्षण शिविर' सूरजकुंड

मोदी बताएंगे विकत स्थिति में कार्य कैसे करें

सूरजकुंड में भाजपा के प्रशिक्षण शिविर के दौरान नरेंद्र मोदी, राजनाथ सिंह और वेंकैया नायडू।

सूरजकुंड में नए भाजपा सांसदों की 'पाठशाला', मोदी बताएंगे कैसे करें मुश्किल हालात में काम
फरीदाबाद. सूरजकुंड में भाजपा के नए सांसदों का 'प्रशिक्षण शिविर' आरम्भ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को पार्टी के दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का शुभारम्भ किया, जिसमें 195 सांसद नए सांसद शामिल हो रहे हैं। मोदी के अतिरिक्त भाजपा के वरिष्ठ नेता शिविर में नए सांसदों को संसदीय कार्यों की जानकारी देने, अपने अनुभव भी साझा करेंगे।
शिविर की विशेष बातें
- भाजपा के प्राय: 195 सांसद इस शिविर में शामिल हों रहे है। इनमें लोकसभा से 170 और राज्यसभा से 25 सांसद होंगे।
- शिविर में 40 अजा /अजजा सांसद शामिल होंगे। महिला सांसदों की संख्या 30 होगी।
- प्र मं और भाजपा के वरिष्ठ नेता नए सांसदों को संसदीय कार्यवाही के बारे में जानकारी देने, अपने अनुभव भी साझा करेंगे।
- नए सांसदों को प्रशासनिक कार्यों, सांसद निधि के उपयोग आदि के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।
- सांसदों को बताया जाएगा कि विकत परिस्थितियों में कैसे काम करना है और पार्टी को लेकर उन्हें किस प्रकार से जनता और मीडिया के बीच बात रखनी है।
- नए सांसदों को बताया जाएगा कि संसद में कैसे उत्तम प्रश्न उठाएं और शून्‍यकाल के मध्य दोनों सदनों में जनता से जुड़े कौन से महत्‍वपूर्ण मुद्दों पर बात की जाए।
- सांसदों को बताया जाएगा कि वे संसद में अपनी अधिक से अधिक उपस्थिति अंकित कराएं और अपने संसदीय क्षेत्रों में लोगों की समस्‍याओं को किस प्रकार हल करें।
- शिविर में आने वाले सांसदों से एक-एक हजार रुपए शुल्क लिए गए हैं।
- खाना केवल शाकाहारी मिलेगा।
सुरक्षा की व्यवस्था 
इस शिविर के लिए सुरक्षा के कड़े उपाय किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा तीन स्तरीय होगी जिसमें एसपीजी के विशेष प्रकोष्ठ की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी। हरियाणा के पुलिस महानिदेशक एसएन वशिष्‍ठ शुक्रवार को सूरजकुंड पहुंचे और शिविर की सुरक्षा व्यवस्था का आंकलन किया। सुरक्षा स्थल पर पुलिस आयुक्त अरशिंदर सिंह चावला के नेतृत्व में अन्य पुलिस अधिकारी भी विगत कई दिनों से उपस्थित थे। सुरक्षा में 900 से अधिक जवानों की तैनाती की सुचना जाएगी।
शूटिंग रेंज का रूट रहेगा बंद
पता चला है कि कांत एंक्लेव से लेकर सूरजकुंड तक जिस मार्ग से मोदी को लाया जाएगा, उस मार्ग को प्राय: दो घंटे के लिए बंद कर दिया जाएगा। इस राह को लक्ष्य अभ्यास स्थल होने से परिवर्तित कर दिया जाएगा। मोदी के चले जाने के बाद इसे पुन: खोल दिया जाएगा।
नकारात्मक मीडिया के सकारात्मक व्यापक विकल्प का सार्थक संकल्प
-युगदर्पण मीडिया समूह YDMS- तिलक संपादक
पत्रकारिता व्यवसाय नहीं एक मिशन है| -युगदर्पण
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Tuesday, June 24, 2014

'वो आपातकाल'

'वो आपातकाल' सत्ता की अनंत भूख की उपज 
सत्ता की अनंत भूख, उसे बनाये रखने में तानाशाही और बाधाओं को कुचलने में उपजा आपातकाल यह काला अध्याय, भले एक घटना रही हो; किन्तु इस प्रक्रिया का क्रम यही है। जब सत्ता प्राप्ति का लक्ष्य, समाज के हित को भूल कर, साधनों का एकीकृत संग्रह करने हेतु स्वार्थ के वशीभूत होकर, लोभ तुष्टि बन जाये तो परिणाम यही होता है। लोकतंत्र और व्यक्तिगत स्वतंत्रता को महत्वहीन तथा लोभ को लोक से बड़ा मान, संयम को नकार असंयमित व्यवहार की परिणती वह त्रासदी है, जिसे हमने 39 वर्ष पूर्व आपातकाल के रूप में देखा व भुगता। 
जब चुनाव अभियान में सरकारी तंत्र का दुरूपयोग करने के लिए इलाहाबाद कोर्ट ने उन्हें 6 वर्ष के लिए संसद की सदस्यता के लिए अयोग्य ठहरा दिया था। पद छोड़ने के बजाए उन्होंने संविधान को स्थगित कर दिया। अपनी चमड़ी बचाने के लिए प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 25-26 जून 1975, की रात में स्वतंत्रता का हनन कर, स्वार्थ की काली स्याही से अंधकार का आपात अध्याय लिख दिया।
प्राय: एक लाख लोगों को बिना सुनवाई के बंदी बना लिया गया और जिन्होंने उनकी भ्रष्ट सरकार के विरुद्ध आंदोलन का नेतृत्व करने वाले जयप्रकाश नारायण, सहित सभी विपक्षी नेताओं को बंदगृह में डाल दिया गया। सबसे बुरा यह हुआ कि उन्होंने वैधानिक संस्थाओं को नष्ट किया, जो अभी तक नहीं सुधर पाई हैं। आपातकाल की मेरी कई रचनाएँ, जिनका स्मरण कर पा रहा हूँ, 'काव्यांजलिका' में प्रस्तुत हैं। http://www.kaavyaanjalikaa.blogspot.com/ 
हमें समझना होगा कि संविधान की सीमा उल्लंघन और पारदर्शीता का त्याग अनियंत्रित सरकार को तानाशाह बना सकता है। एक सशक्त सरकार का अर्थ होता है एक कर्मशील सरकार, न कि एक व्यक्ति का शासन, जो उस संसदीय लोकतंत्र को नष्ट करता है, जिसका हमने राष्ट्रपति प्रणाली के समक्ष चयन किया है। यहाँ जनता स्वामी है और इसकी आवाज को दबाने के लिए कुछ भी करना, हमारे लोकतांत्रिक, अनेकतावादी और समता के आदर्शों वाले गणतंत्र के मूल तत्व के विपरीत है।
इन सिंद्धातों को खंडित करने वालों को, 1977 में हुए चुनाव ने पराजय से दण्डित किया। यहां तक कि इंदिरा गांधी जैसा प्रभावी व्यक्ति भी चुनाव में पराजित हो गया। यह सब जानना महत्वपूर्ण है जिससे इसकी पुनरावृति नहीं हो। 
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Monday, June 16, 2014

मोदी लौटकर दिल्ली पहुंचे

मोदी संबंधों का नया अध्याय बना लौटकर दिल्ली पहुंचे 
दिल्ली के लिए वापस. यह भूटान यात्रा संस्मरण मेरी स्मृति में उकेरा रहेगा. यह एक बहुत ही संतोषजनक और उत्पादक यात्रा थी।  
भूटान की संसद को संबोधित किया।  भूटान आगे बढ़ता है, और भारत भी भूटान का समर्थन करने के लिए आगे कदम उठाने लगता है।  एक छोटी सी अवधि में, भूटान ने लोकतांत्रिक संस्थाओं में अपार विश्वास विकसित किया है।  यह भूटान की विकास यात्रा के लिए अद्भुत है।  
भूटान के गत बजट में शिक्षा के लिए बड़ी राशी आवंटन के बारे में जान कर प्रसन्न हुआ।  यह भविष्य की पीढ़ियों की भलाई के लिए प्रतिबद्धता को दर्शाता है! भारत भूटान में एक ई लाइब्रेरी नेटवर्क बनाने की योजना है और हम भूटान के छात्रों को दी जा रही छात्रवृत्ति दोगुना करेंगे। 
भारत और भूटान के बीच बंधन आगे बढ़ सकता है! http://nm4.in/1kXqTjQ

Back to Delhi. This Bhutan trip will remain etched in my memory. It was a very satisfying & productive visit. 

Addressed Bhutan's Parliament. When Bhutan moves ahead, India too feels like taking steps ahead to support Bhutan. In a short span of time, Bhutan has developed immense faith in democratic institutions. This is wonderful for Bhutan's development journey. 

Was happy to know about the large allocation for education in Bhutan's last budget. It shows commitment to well-being of future generations! India plans to create an e-library network in Bhutan & we would double scholarships being given to students of Bhutan.

May the bond between India & Bhutan grow further! http://nm4.in/1kXqTjQ
मोदी का एजेंडा है विकास अर्थात न्यूनतम मंत्रिमंडल से अधिकतम परिणाम का संकल्प।
 मीडिया विकल्प बने; पत्रकारिता में आधुनिक विचार, लघु आकार -सम्पूर्ण समाचार -युद।
यह राष्ट्र जो कभी विश्वगुरु था, आज भी इसमें वह गुण,
 योग्यता व क्षमता विद्यमान है | आओ मिलकर इसे बनायें; - तिलक
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अब शर्मनिरपेक्ष मीडिया

अब शर्मनिरपेक्ष मीडिया को साँप सूंघ गया क्या, जो हिंदू संतों के पड़ा रहते हैं,,?? 
आज तक दिनरात भोंकनेवाले चैनल, मौनव्रत धारी हो गए ? या अपनी नकारात्मकता पर शर्म आ रही है ? 
मोदी का एजेंडा है विकास अर्थात न्यूनतम मंत्रिमंडल से अधिकतम परिणाम का संकल्प।
 मीडिया विकल्प बने; पत्रकारिता में आधुनिक विचार, लघु आकार -सम्पूर्ण समाचार -युद।
भारतीय संस्कृति की सीता का हरण करने देखो | छद्म वेश में फिर आया रावण |
संस्कृति में ही हमारे प्राण है | भारतीय संस्कृति की रक्षा हमारा दायित्व || -तिलक
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Saturday, June 7, 2014

बजट पूर्व परामर्श बैठक

बजट पूर्व परामर्श बैठक

केन्द्रीय वित्त मंत्री ने मजदूर यूनियनों के प्रतिनिधियों से बजट पूर्व परामर्श बैठक की रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए कौशल विकास को प्राथमिकता 
केन्द्रीय वित्त मंत्री श्री अरूण जेटली ने कहा है कि कौशल विकास को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे अधिक से अधिक संख्या में प्रशिक्षित कर्मी भारतीय अर्थव्यवस्था में शामिल हो सके। वित्त मंत्री आज नई दिल्ली में बजट पूर्व विचार विमर्श के क्रम में केन्द्रीय मजदूर यूनियनों के प्रतिनिधियों से बातचीत के पश्चात कहा कि सरकार बजट तैयार करते समय केन्द्रीय मजदूर यूनियनों की ओर से दिये गये, दस सूत्री मांग पत्र पर विचार करेगी। 
बैठक में वित्त और कार्पोरेट मामलों की राज्यमंत्री सुश्री निर्मला सीतारमण, व्यय सचिव श्री रतन पी.वटल, राजस्व सचिव श्री राजीव टकरू, श्रम और रोजगार मंत्रालय की सचिव श्रीमती गौरी कुमार तथा वित्त मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। 
बैठक में शामिल मजदूर यूनियनों ने वित्त मंत्री को संयुक्त ज्ञापन सौंपा। जिनमे कुछ विशेष प्रस्ताव निम्नलिखित हैः 
बढ़ रहे मूल्यों को रोकने तथा मुद्रा स्फीति को नियंत्रित करने के प्रभावी पग उठाये जाएं। वस्तुओं में वायदा बाजार पर पाबंदी लगायी जाए, सार्वजनिक वितरण प्रणाली को सार्वभौमिक बनाने के साथ इसे सुदृढ़ बनाया जाए, संचयन पर उचित नियंत्रण सुनिश्चित किया जाए तथा कर/शुल्क/पेट्रोलियम उत्पादों पर अधिभार को विवेक संगत बनाया जाए; ताकि लोगों का बोझ कम हो।
रोजगार सृजन के लिए अर्थव्यवस्था को जीवंत बनाने के उद्देश्य से मूलभूत अवसंरचना क्षेत्र में बड़े स्तर पर निवेश हो। इस काम में सार्वजनिक क्षेत्र अग्रणी भूमिका निभाये। बजट में रोजगार सृजन तथा लोगों की सतत आय की गारंटी के लिए योजना और गैर योजना खर्च को बढ़ाया जाए। 
न्यूनतम वेतन को उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के साथ जोड़ा जाए और 15वें भारतीय श्रम सम्मेलन की अनुशंसाओं को ध्यान में रखते हुए, सभी प्रकार के श्रमिकों को न्यूनतम वेतन सुनिश्चित किया जाए। यह आय प्रतिमाह 15 हजार रूपये से कम न हो। 
रक्षा उत्पादन, दूरसंचार, रेलवे, वित्तीय क्षेत्र, खुदरा व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा मीडिया में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। 
सार्वजनिक क्षेत्र के प्रतिष्ठानों को सशक्त बनाया जाए। लाभ कमा रही सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइ के शेयरों को बेचना तत्काल रोका जाए। 
वित्त मंत्री के साथ बैठक में भाग लेने वाले विभिन्न मजदूर यूनियन के समूहों के प्रतिनिधियों में भारतीय मजदूर संघ के श्री बी.एन.राय, भारतीय राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन (इंटक) के श्री चंद्र प्रकाश सिंह, आईएनटीयूसी के श्री शांताकुमार, इंटक की सुश्री अमरजीत कौर, श्री डी.एल सच्चदेव, हिन्द मजदूर सभा के श्री शरद राव और श्री हरभजन सिंह सिधू, सीटू के श्री स्वदेश देवराय और सांसद श्री तपनसेन, एआईयूटीयूसी के श्री दिलीप भट्टाचार्य और श्री शंकर शाह, टीयूसीसी के श्री शिवप्रसाद तिवारी लेवर प्रोग्रेसिव फैड्रेशन के श्री वी.सुबुरमन तथा एम.सणमुगम, यूटीयूसी के श्री प्रेचंदन तथा अबनी राय तथा नेशनल फ्रट ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियनस के डॉ. विराट जयसवाल शामिल थे। 
मोदी का एजेंडा है विकास अर्थात न्यूनतम मंत्रिमंडल से अधिकतम परिणाम का संकल्प।
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सरकारी कार्यालयों का समय

प्रात: 9 से 7 बजे तक होंगे, केंद्र के सरकारी कार्यालयों का समय!
-मोदी की सरकार में केंद्रीय कर्मचारियों, प्रात: 9 से सायं 7 बजे तक काम करना पड़ पड़ेगा। शनिवार की छुट्टी भी समाप्त  हो जाएगी, साथ ही काम के घंटे भी बढ़ सकते हैं।
केंद्र सरकार ने काम की गति बढ़ाने और समय पर पूरा करने के उद्देश्य से मंत्रालयों और विभागों में वर्तमान कार्यप्रणाली को पूरी तरह बदलने की पहल की है। सूत्रों के अनुसार, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग को इसके लिए मंत्रिमंडल आसंधि 'नोड' तैयार करने को कहा गया है और संसद सत्र के तुरंत बाद इसे मं मं की स्वीकृति मिल सकती है। इस बारे में मंगलवार को नरेंद्र मोदी सभी सचिवों से विचार करने वाले थे, किन्तु गोपीनाथ मुंडे के निघन के कारण बैठक नहीं हो सकी।
इन प्रस्तावों पर विचार
> रविवार को छुट्टी हो और शनिवार को सभी मंत्रालय और विभाग खुले रहें।
> कार्यालय का कामकाज प्रात: 8 बजे से सायं 4 बजे तक हो।
> कार्यालय 8 से 6 हो और 'लंच' दो घंटे का हो, जिसमें कर्मियों को आराम मिले।
> कार्यालय का कामकाज प्रात: 9 बजे से लेकर सायं 7 बजे तक चलता रहे।
> जब तक आदेश नहीं होता, तब तक सभी सचिवों को मौखिक निर्देश से शनिवार को कार्यालय आना होगा। 
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स्वास्थ्य मंत्री का जीवन सुरक्षा अभियान

Wednesday, June 4, 2014

सुरक्षा पेटी 'सीट बैल्‍ट' का उपयोग श्री गोपीनाथ मुंडे के प्राण बचा सकता था
स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन
केन्‍द्रीय स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन के अनुसार कर में सुरक्षा पेटी का उपयोग श्री गोपीनाथ मुंडे के प्राण बचा सकता था। डॉ. हर्षवर्धन ने दिवंगत ग्रामीण विकास मंत्री की अंत्‍येष्टि में सम्मिलित होने के लिए बीड, महाराष्‍ट्र प्रस्थान करने से पूर्व कहा ‘अधिकांश लोग मानते हैं कि कार में पिछली सीट पर लगाई गयी पेटी, केवल सजावट के उद्देश्‍य से लगाई जाती है। मैंने मात्र इस एक भ्रांन्ति के चलते अपना मित्र खो दिया है। वास्‍तव में अगली सीटों की पेटी की भांति पिछली सीट पर पेटी लगाना भी अनिवार्य होता है। किसी अप्रिय स्थिति में यह जीवन बचाने का कारण हो सकती है।’
      मंगलवार को श्री गोपीनाथ मुंडे का निधन एक दुर्घटना के कारण हो गया था। लाल बत्‍ती को पार कर एक कार ने श्री मुंडे की कार को टक्‍कर मार दी थी। इस दुर्घटना से उनकी कार को तो अधिक क्षति नहीं पहुंची, किन्तु कार को लगे तेज धक्‍के के कारण श्री मुंडे की गर्दन के जोड़ और उनकी रीढ़ की हड्डी को गंभीर चोट पहुंची, जिसके कारण मस्तिष्‍क को रक्त की आपूर्ति बाधित हुई और तत्‍काल उनकी हृदय गति और सांस रुक गयी। इसके अतिरिक्त उनका यकृत (जिगर) भी फट गया था और इसमें से रक्त बह रहा था। देश ने एक महत्‍वपूर्ण जननेता और समर्थ मंत्री खो दिया है। 

अगस्‍त, 1997 में ऐसी ही एक दुर्घटना में ब्रिटेन की प्रिंसेस डायना के प्राण चले गए। उनकी द्रुतगति कार पेरिस में एक भूमिगत सुरंग में खम्‍भे से टकरा गई थी। 2007 में ऐसी ही एक दुर्घटना में, दिल्‍ली के पूर्व मुख्‍यमंत्री साहिब सिंह वर्मा की कार की ट्रक से हुई टक्‍कर के कारण निधन हो गया था। आज मैं उन अनेक लोगों के दु:ख को अनुभव कर पा रहा हूं जो सुरक्षा पेटी की आवश्‍यकता को अस्वीकरण से कार दुर्घटना में अपने प्रिय जनों को खो देते हैं। 

स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय का अभियान
      डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि स्‍वास्‍थ्‍य और परिवार कल्‍याण मंत्रालय गाड़ी चलाते समय सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वाले लोगों को, जागृत करने की पहल करेगा।
      स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री ने कहा कि सुरक्षा के बारे में स्‍वयं सेवी संगठनों के सहयोग से मल्‍टी मीडिया अभियान चलाने पर विचार किया जा रहा है। डॉ. हर्षवर्धन ने कहा ‘’ मुख्‍य ध्‍यान प्रत्‍यक्ष रूप से दुर्घटना के शिकार अथवा उन बच्‍चों पर दिया जायेगा, जिन्‍हें अभिभावक पिछली सीट पर बैठाते है अथवा जिनकी पर्याप्‍त देखभाल नहीं की जाती। बच्‍चे गलत लोगों का अनुकरण भी कर सकते हैं।
      स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री ने कहा कि गलत ढ़ग से अथवा अंधाधुंध गाड़ी चलाने वाले लोगों का अनुकरण करने की बजाय बच्‍चों को सही ढ़ग से जीवन जीना सिखाना चाहिए। स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री ने कहा कि यह चिंता की बात है कि विश्व के अन्‍य देशों की तुलना में भारत में युवा वर्ग आजकल सुरक्षा पेटी और सुरक्षा टोपी (मोटरबाइक चलाते समय) लगाने में रूचि नहीं लेते। अनुसंधान से पता चला है कि विशेषकर महिला चालकों और मोटरसाइकिल चालकों, विशेषकर से पिछली सीट पर बैठी महिलाओं में यह रूझान बहुत अधिक देखा गया है। 
      डॉ. हर्षवर्धन ने कहा, ‘’ मैं कार और बाइक चालकों को सुरक्षा के बारे में जागरूक करने के लिए देशभर में पैट्रोल डीलर एसोसियशन का सहयोग चाहता हूं। डॉ. हर्षवर्धन ने जनता से अपील करते हुए कहा, ‘’ आइये गोपीनाथ मुंडे की त्रासदी को क्रांतिकारी परिवर्तन के रूप में लें।‘’
      उन्‍होंने कहा, ‘’मंत्री जी की त्रासदी और असमय मृ‍त्‍यु को सभी वाहन चालकों को चेतावनी के रूप में लेना चाहिए। 
एक जीवन बचाना, एक जीवन बनाने के समान है और समाज में 
संभावित परिवर्तन लाने वाला ही भविष्‍य को सुरक्षित कर सकता है।‘’
नकारात्मक मीडिया के सकारात्मक व्यापक विकल्प का सार्थक संकल्प 
-युगदर्पण मीडिया समूह YDMS- तिलक संपादक 9911111611, 7531949051
एजेंडा विकास अर्थात न्यूनतम मंत्रिमंडल से अधिकतम परिणाम का संकल्प।
मीडिया विकल्प बने; पत्रकारिता में आधुनिक विचार, लघु आकार -सम्पूर्ण समाचार।
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शपथ ग्रहण का प्रथम दिवस

शपथ ग्रहण का प्रथम दिवस

आज लोकसभा में सांसदों का शपथ ग्रहण का प्रथम दिवस, अनेक विशेषताओं  से भरा था।  एक दिन में शपथ लेने वाले सांसदों की संख्या 510 की दृष्टी से अथवा हिंदी संस्कृत में शपथ लेने की बात हो, नई परंपरा आरम्भ हुई। शेष बंगाल के सांसद कल संसद में शपथ ग्रहण करेंगे।
लोकसभा के सांसद के रूप में देवभाषा संस्कृत में शपथ ले उसके संरक्षण और संवर्धन की ओर एक छोटी पहल की। संस्कृत न केवल देवभाषा है अपितु भारत की अधिकतम भाषाओँ की जननी भी है और भारतीय सभ्यता और संस्कृति का मूल आधार है।
लोकसभा में संस्कृत भाषा में शपथ लेने पर सांसद श्रीमती सुषमा स्वराज,डा. हर्षवर्धन,श्रीमती उमा भारती,श्री प्रवेश साहिब सिंह,श्री महेश गिरि और श्रीमती मीनाक्षी लेखी का हार्दिक अभिनंदन|
लोकसभा के सांसद के रूप में देवभाषा संस्कृत में शपथ ले उसके संरक्षण और संवर्धन की ओर एक छोटी पहल की। संस्कृत न केवल देवभाषा है अपितु भारत की अधिकतम भाषाओँ की जननी भी है और भारतीय सभ्यता और संस्कृति का मूल आधार है।
लोकसभा में संस्कृत भाषा में शपथ लेने पर सांसद श्रीमती सुषमा स्वराज,डा. हर्षवर्धन,श्रीमती उमा भारती,श्री प्रवेश साहिब सिंह,श्री महेश गिरि और श्रीमती मीनाक्षी लेखी का हार्दिक अभिनंदन|
मोदी का एजेंडा है विकास अर्थात न्यूनतम मंत्रिमंडल से अधिकतम परिणाम का संकल्प
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मोदी के कार्य व दिशा निर्देश


मोदी के कार्य व दिशा निर्देश

एक और विश्व कीर्तिमान -

विश्व के पहले प्रधानमंत्री जिन्होंने पहले दिन ही इतने काम किये है |
काले धन के विरुद्ध SIT बैठा दी |
कश्मीर को विशेष राज्य श्रेणी का अंत एवं धारा 370 की समाप्ति की घोषणा पर काम शुरू |
बनारस में अमूल का प्लांट का काम शुरू|
बनारस के घाटो के लिए 20 करोड़ की घोषणा |
70000 करोड़ की लागत द्वारा अहमदाबाद से मुंबई, जापान जैसी बुलेट ट्रेन द्रुतगति का प्रस्ताव पास, इंजिनियर तकनीक सीखने के लिए फ़्रांस प्रस्थान |
20000 करोड़ की लागत द्वारा गंगा मैया के पावन जल को स्वच्छ कराने की घोषणा |
शराब के सरकारी ठेके की बीच की दूरी कम से कम 40 किलोमीटर होगी |
और कुछ रह गये हो तो आप बता दो.… 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसदों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मोदी चाहते हैं कि पार्टी के सभी सांसद नियमित रूप से संसद पहुंचे, उनकी भाषा सभ्य हो और अनावश्यक रूप से पैर छूने की परंपरा पर रोक लगे। राजनीतिक परिवारों द्वारा संचालित कुछ क्षेत्रीय दलों के मामले में भी पैर छूने और चापलूसी की परंपरा रही है। इसके विपरीत मोदी ने अपने सांसदों से कहा कि वे लोकतंत्र के मंदिर में अपने कौशल को बढ़ाकर जानकारी के साथ आयें और अच्छे सांसद बनें।
कृपया मेरे या भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के चरण स्पर्श ना करें, अभिवादन करते समय -मोदी के दिशा निर्देश 

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लोकसभा की अध्‍यक्ष सुमित्रा महाजन

लोकसभा की अध्‍यक्ष सुमित्रा महाजन

प्रधानमंत्री ने श्रीमती सुमित्रा महाजन के सर्वसम्मिति से लोकसभा अध्‍यक्ष चुने जाने का स्वागत किया 
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने सदन की उच्‍च परंपरा के अनुसार सर्वसम्मिति से श्रीमती सुमित्रा महाजन के 16वीं लोकसभा की अध्‍यक्ष चुने जाने का स्‍वागत किया है। उन्‍हें बधाई देते हुए प्रधानमंत्री ने एक महिला द्वारा विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र में इस उच्‍च स्‍थान पाने का स्‍वागत किया। उन्‍होंने कहा कि इंदौर नगर निगम की सदस्‍य से लेकर आठ बार संसद सदस्‍य के रूप में सार्वजनिक जीवन के लम्बे अनुभव से युक्त श्रीमती सुमित्रा महाजन के मार्ग-दर्शन से देश के लोगों की सेवा करने में सदन को लाभ मिलेगा। 
प्रधानमंत्री ने कहा कि 16वीं लोकसभा में प्राय: 315, पहली बार सांसद चुनकर आए हैं, जो पहली लोकसभा के समान है । उन्‍होंने कहा कि सदन के पास कई पुरानी परंपराओं को छोड़कर नई परंपराएं अपनाने का अवसर है। उन्‍होंने कहा कि भारतीय संसद प्रजातंत्र का एक मंदिर है और इसके माध्यम नई ऊर्जा के साथ भारत को विश्‍व में एक शक्तिशाली प्रजातंत्र के रूप में प्रदर्शित किया जा सकता है। 
उन्‍होंने कहा कि अध्‍यक्ष का नाम ही सभी को उनका मित्र होने का आभास कराता है। हमारे प्राचीन ग्रंथों में भी कहा गया है कि ‘’महाजनिये येन गत: पंथया’’ जिसका अर्थ है कि जिस पथ पर महाजन चलते हैं, उस पर चलना लाभकारी होता है। 
उन्‍होंने सदन की ओर से अध्‍यक्ष को आश्‍वासन दिया कि सदन की कार्रवाईयों को सफलता पूर्वक चलाने में श्रीमती महाजन को सभी सदस्‍यों से पूरा समर्थन मिलेगा। 
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Tuesday, June 3, 2014

शोक समाचार

शोक समाचार 
एक कार दुर्घटना में संभवत: हृदयाघात के कारण केन्द्रीय ग्रा विकास व पंचायती राज मंत्री श्री गोपीनाथ पांडुरंग मुंडे (64 वर्ष) का निधन उनके परिवार ही नहीं, अपितु पूरे राष्ट्र के लिए दुखद  सन्देश लाया है। परमात्मा उनकी आत्मा को शांति प्रदान व उनके शोक संतप्त परिवार को यह दुःख व अपूर्णीय क्षति सहन करने की क्षमता प्रदान करें। 

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मंत्री गोपीनाथ मुंडे का आज प्रात: दिल्ली में एक सड़क दुर्घटना में निधन हो गया।  मुंडे का पार्थिव शरीर मुंबई ले जाया गया है। यहां से उनका पार्थिव शरीर उनके वर्ली स्थित पैतृक घर पर लाया गया। उनके घर पर राज ठाकरे, उद्धव ठाकरे, हेमा मालिनी, छगन भुजवल सहित कई लोग उपस्थित थे। मुंडे का अंतिम संस्कार कल महाराष्ट्र में उनके पैतृक गांव वर्ली में किया जाएगा। 
एक सप्ताह पूर्व ही शपथ ग्रहण कर कार्य भार सँभालने वाले भाजपा के मराठी नेता से ग्रामीणों सहित देश को बहुत आशाएं थीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुंडे के निधन पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा है कि वह अपने मित्र मुंडे के निधन से अत्यंत दुखी और स्तब्ध हैं। वे ही नहीं पूरा देश स्तब्ध है।
ग्रामीण विकास मंत्री की गाडी के दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना मिलने के बाद सबसे पहले एम्स पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्द्धन ने बताया कि मुंडे को पुनर्जीवित करने का डॉक्टरों ने हरसंभव प्रयास किया। मुंडे के सम्मान में दिल्ली, राज्य की राजधानियों और केंद्र शासित प्रदेशों में आज राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका दिया गया।
देश की मिटटी की सुगंध, भारतचौपाल | -तिलक संपादक
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