"कार्य ही पूजा है/कर्मण्येव अधिकारस्य मा फलेषु कदाचना" दृष्टान्त का पालन होता नहीं,या होने नहीं दिया जाता जो करते हैं उन्हें प्रोत्साहन की जगह तिरस्कार का दंड भुगतना पड़ता है आजीविका के लिए कुछ लोग व्यवसाय, उद्योग, कृषि से जुडे, कुछ सेवारत हैंरेल, रक्षा सभी का दर्द उपलब्धि, तथा परिस्थितियों सहित कार्यक्षेत्र का दर्पण तिलक..(निस्संकोच ब्लॉग पर टिप्पणी/अनुसरण/निशुल्क सदस्यता व yugdarpan पर इमेल/चैट करें, संपर्कसूत्र-तिलक संपादक युगदर्पण 09911111611, 09999777358

बिकाऊ मीडिया -व हमारा भविष्य

: : : क्या आप मानते हैं कि अपराध का महिमामंडन करते अश्लील, नकारात्मक 40 पृष्ठ के रद्दी समाचार; जिन्हे शीर्षक देख रद्दी में डाला जाता है। हमारी सोच, पठनीयता, चरित्र, चिंतन सहित भविष्य को नकारात्मकता देते हैं। फिर उसे केवल इसलिए लिया जाये, कि 40 पृष्ठ की रद्दी से क्रय मूल्य निकल आयेगा ? कभी इसका विचार किया है कि यह सब इस देश या हमारा अपना भविष्य रद्दी करता है? इसका एक ही विकल्प -सार्थक, सटीक, सुघड़, सुस्पष्ट व सकारात्मक राष्ट्रवादी मीडिया, YDMS, आइयें, इस के लिये संकल्प लें: शर्मनिरपेक्ष मैकालेवादी बिकाऊ मीडिया द्वारा समाज को भटकने से रोकें; जागते रहो, जगाते रहो।।: : नकारात्मक मीडिया के सकारात्मक विकल्प का सार्थक संकल्प - (विविध विषयों के 28 ब्लाग, 5 चेनल व अन्य सूत्र) की एक वैश्विक पहचान है। आप चाहें तो आप भी बन सकते हैं, इसके समर्थक, योगदानकर्ता, प्रचारक,Be a member -Supporter, contributor, promotional Team, युगदर्पण मीडिया समूह संपादक - तिलक.धन्यवाद YDMS. 9911111611: :

Sunday, December 6, 2015

श्रमिक कल्याण से जुड़े नए कदम

डा बी आर अम्बेडकर श्रम कल्याण एवं सशक्तिकरण उनके स्वप्न को साकार करने की पहल
श्रमिक ल्याण से जुड़े श्रम एवं रोजगार मंत्री के नए कदमों की रूपरेखा 
श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री बंडारू दत्तात्रेय का प्रेस वक्तव्य निम्नलिखित है –
‘सरकार श्रम सुधारों का विरोध करने के लिए व्यक्त किए गए कुछ विचारों से अप्रसन्न है। नई सरकार मात्र वक्तव्य जारी करके झूठी आशाएँ जगाने के बजाय, सही अर्थों में पहले ही दिन से कामगारों समेत सभी का कल्याण करने के लिए प्रतिबद्ध रही है।
सरकार संगठित अथवा असंगठित क्षेत्र के प्रत्येक कामगार को रोजगार सुरक्षा, वेतन संबंधी सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
गत डेढ़ वर्षों के मध्य नई सरकार ने श्रमिकों की स्थिति सुदृढ़ करने के लिए अनेक ठोस कदम उठाए हैं और नई पहल की है।
पदभार संभालने के बाद नई सरकार ने न केवल 1000 रुपये प्रति माह की न्यूनतम पेंशन की घोषणा की है, बल्कि‍ इसे शाश्वत ढंग से लागू भी किया है। नई सरकार के इस कदम से लगभग 20 लाख लोग लाभान्वित हो रहे हैं। गत सरकार द्वारा इस आशय का आदेश कभी भी जारी नहीं किया गया था।’
नई सरकार ने बोनस सीमा को वर्तमान 3500 रुपये से बढ़ाकर 7000 रुपये करने अथवा पारिश्रमिक बढ़ाने, इनमें से जो भी अधिक हो, के लिए मंत्रीमण्डल की स्वीकृति प्राप्त करके श्रमिकों के लिए दूरगामी कल्याणकारी उपाय भी किया है।’ 
हम जो भी कार्य करते हैं, परिवार/काम धंधे के लिए करते हैं | देश की बिगड चुकी दशा व दिशा की ओर कोई नहीं देखता | आओ मिलकर कार्य संस्कृति की दिशा व दशा श्रेष्ठ बनायें-तिलक
Post a Comment