"कार्य ही पूजा है/कर्मण्येव अधिकारस्य मा फलेषु कदाचना" दृष्टान्त का पालन होता नहीं,या होने नहीं दिया जाता जो करते हैं उन्हें प्रोत्साहन की जगह तिरस्कार का दंड भुगतना पड़ता है आजीविका के लिए कुछ लोग व्यवसाय, उद्योग, कृषि से जुडे, कुछ सेवारत हैंरेल, रक्षा सभी का दर्द उपलब्धि, तथा परिस्थितियों सहित कार्यक्षेत्र का दर्पण तिलक..(निस्संकोच ब्लॉग पर टिप्पणी/अनुसरण/निशुल्क सदस्यता व yugdarpan पर इमेल/चैट करें, संपर्कसूत्र-तिलक संपादक युगदर्पण 09911111611, 09999777358

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Thursday, February 12, 2015

फ्री वाई फाई का वादा, नियम और शर्तों में

फ्री वाई फाई का वादा, नियम और शर्तों में

 नई दिल्ली: चुनाव में आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में फ्री वाई फाई शहर बनाने का वादा किया था. अब वादा निभाने का समय आया तो फ्री वाई फाई नियम और शर्तों के चक्कर में फंस गया है। सरकार के संभावित उप मु.मं  मनीष सिसोदिया ने भी साफ कर दिया है कि फ्री का अर्थ कई नियम-शर्तें हैं। 

मनीष सिसौदिया ने एबीपी न्यूज़ से बातचीत में कहा, 'ऐसा नहीं है कि आप सारी फिल्में वाई-फाई पर देखते रहो। मूल आवश्यकता के लिए फ्री वाई-फाई मिलेगा। जैसे कि महिला सुरक्षा के लिए, आप मोबाइल पर बटने लगाकर क्या करेंगे जब इंटरनेट ही नहीं होगा तो, यदि फ्री वाई-फाई होगा तो हम संपर्क कर पाएंगे।'
सिसौदिया का कहना था, 'हम मोबाइल के लिए ई-गर्वर्नेंस लेकर आएंगे। इन सबके लिए चाहिए। अब सारा वाई-फाई फ्री हो जाएगा ऐसा नहीं है। साफ पानी और शिक्षा की तरह ही दिल्ली की आवश्यकता है।'
कैसे पूरा होगा वादा?
केजरीवाल ने दिल्ली को फ्री वाईफाई जोन में बदलने का बड़ा वादा किया है और इसका व्यय डेढ़ हजार करोड़ से भी अधिक हो सकता है। दिल्ली का दिल धड़क रहा है। दिल्ली को ग्लोबल सिटी बनाने और महिलाओं की सुरक्षा के वादे के साथ केजरीवाल ने दिल्ली को फ्री वाई-फाई जोन में बदलने का वादा भी किया है, किन्तु क्या ये वादा पूरा होगा?
जरा तुलना कीजिए
  • एक ओर है दिल्ली और दूसरी ओर है अमेरिका का शहर मिनेपोलिस
  • दिल्ली का क्षेत्रफल है प्राय: 1500 वर्ग किमी, जबकि मिनेपोलिस का 150 वर्ग किलोमीटर
  • दिल्ली का जनसँख्या है 1.8 करोड़ और मिनेपोलिस की है 4 लाख
  • मिनेपोलिस पूरी तरह वाईफाई क्षेत्र है जिस पर कुल खर्च आया है 25 मिलियन डॉलर अर्थात प्राय: 150 करोड़ रुपये
  • अब यदि क्षेत्रफल के स्तर से देखें तो दिल्ली को वाई-फाई बनाने के लिए 10 गुना अधिक पैसा खर्च करना पड़ सकता है अर्थात प्राय: 1500 करोड़ रुपये
  • यही नहीं वार्षिक रखरखाव का खर्च भी 2 लाख डॉलर है अर्थात प्राय: सवा करोड़ रुपये
  • अधिक जनसँख्या के लिए रखरखाव भी महंगा हो सकता है। 
अमेरिका को छोड़िए। भारत का उदहारण देखिए। प्रधानमंत्री मोदी के चुनावी क्षेत्र के इन दो घाटों को भी इसी सप्ताह फ्री वाई-फाई जोन बनाया गया है। दशाश्वमेध घाट और शीतला घाट पर फ्री वाई-फाई की योजना लागू हो गई है। प्रधानमंत्री के चुनावी क्षेत्र में फ्री वाई-फाई के लिए प्राय: 100 करोड़ रुपये का खर्च आया है।
ऐसे में क्या केजरीवाल उस दिल्ली के मात्र 37 हजार करोड़ के बजट से मोटी राशि दिल्ली की हवाओं में तैरते इंटरनेट पर खर्च करने जा रहे हैं। दिल्ली के युवा वोटरों के लिए केजरीवाल को निजी खिलाड़ियों से भी जूझना है और ऐसे में देखना ये होगा कि दिल्ली में कब तक फ्री वाईफाई होता है।
इस बात को भी स्पष्ट नहीं किया गया है कि फ्री वाई-फाई होगा तो उसकी निर्धारित सीमा तय क्या होती है। वाराणसी में फ्री वाईफाई के लिए सीमा तय की गई है।
  • 30 मिनट तक वाई-फाई का उपयोग निशुल्क होगा
  • इसके बाद के लिए कंपनियों के डाटा कार्ड दिए जाएंगे जिसमें
  • 30 मिनट के लिए 20 रुपये
  • 60 मिनट के लिए 30 रुपये
  • 120 मिनट के लिए 50 रुपये
  • पूरे दिन के लिए 70 रुपये, आपको अपनी जेब से खर्च करने पड़ेंगे। 
"अंधेरों के जंगल में, दिया मैंने जलाया है |
इक दिया, तुम भी जलादो; अँधेरे मिट ही जायेंगे ||"- तिलक
हम जो भी कार्य करते हैं, परिवार/काम धंधे के लिए करते हैं |
 देश की बिगड चुकी दशा व दिशा की ओर कोई नहीं देखता |
आओ मिलकर कार्य संस्कृति की दिशा व दशा श्रेष्ठ बनायें-तिलक