"कार्य ही पूजा है/कर्मण्येव अधिकारस्य मा फलेषु कदाचना" दृष्टान्त का पालन होता नहीं,या होने नहीं दिया जाता जो करते हैं उन्हें प्रोत्साहन की जगह तिरस्कार का दंड भुगतना पड़ता है आजीविका के लिए कुछ लोग व्यवसाय, उद्योग, कृषि से जुडे, कुछ सेवारत हैंरेल, रक्षा सभी का दर्द उपलब्धि, तथा परिस्थितियों सहित कार्यक्षेत्र का दर्पण तिलक..(निस्संकोच ब्लॉग पर टिप्पणी/अनुसरण/निशुल्क सदस्यता व yugdarpan पर इमेल/चैट करें, संपर्कसूत्र-तिलक संपादक युगदर्पण 09911111611, 09999777358

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बिकाऊ मीडिया -व हमारा भविष्य

: : : क्या आप मानते हैं कि अपराध का महिमामंडन करते अश्लील, नकारात्मक 40 पृष्ठ के रद्दी समाचार; जिन्हे शीर्षक देख रद्दी में डाला जाता है। हमारी सोच, पठनीयता, चरित्र, चिंतन सहित भविष्य को नकारात्मकता देते हैं। फिर उसे केवल इसलिए लिया जाये, कि 40 पृष्ठ की रद्दी से क्रय मूल्य निकल आयेगा ? कभी इसका विचार किया है कि यह सब इस देश या हमारा अपना भविष्य रद्दी करता है? इसका एक ही विकल्प -सार्थक, सटीक, सुघड़, सुस्पष्ट व सकारात्मक राष्ट्रवादी मीडिया, YDMS, आइयें, इस के लिये संकल्प लें: शर्मनिरपेक्ष मैकालेवादी बिकाऊ मीडिया द्वारा समाज को भटकने से रोकें; जागते रहो, जगाते रहो।।: : नकारात्मक मीडिया के सकारात्मक विकल्प का सार्थक संकल्प - (विविध विषयों के 28 ब्लाग, 5 चेनल व अन्य सूत्र) की एक वैश्विक पहचान है। आप चाहें तो आप भी बन सकते हैं, इसके समर्थक, योगदानकर्ता, प्रचारक,Be a member -Supporter, contributor, promotional Team, युगदर्पण मीडिया समूह संपादक - तिलक.धन्यवाद YDMS. 9911111611: :

Wednesday, July 23, 2014

देश की जड़ों से जुड़ें, जागें और जगाएं;

वन्देमातरम, "गीता का पूर्ण श्लोक है"
"अहिंसा परमों धर्मं: धर्मं हिंसा तथैव :"
अर्थात यदि अहिंसा परम धर्म है तो धर्म के
लिए हिंसा (अर्थात छलिया कानून के अनुसार हिंसा) भी परम धर्म है।
अहिंसा ही परम धर्म नहीं, हिंसा भी परम धर्म है, देखें कि यह दोनों किन परिस्थितियों में किये गए। 
अनावश्यक हिंसा उचित नहीं किन्तु पापियों के भय से कायरता को अहिंसा का नाम नहीं दिया जा सकता। उनका विनाश ही परम धर्म है।
अर्ध सत्य से हमारे पौरुष को कलंकित नपुंसता में बदल कर ही भारत को इंडिया बनाने वालों के कारण देश में घोर विनाश हुआ। 
सत्य के प्राकट्य हेतु जुड़ें।
देश की जड़ों से जुड़ें, जागें और जगाएं;
विश्व कल्याणार्थ भारत को विश्व गुरु बनाएं। 
जब नकारात्मक बिकाऊ मीडिया जनता को भ्रमित करे, तब पायें - नकारात्मक बिकाऊ मीडिया का सकारात्मक राष्ट्रवादी व्यापक सार्थक विकल्प, युगदर्पण मीडियासमूह YDMS. 30 Blogs विविध, + पत्रकारिता में आधुनिक विचार, लघु आकार -सम्पूर्ण समाचार।  
यदि आप भी मुझसे जुड़ना चाहते हैं, तो आपका हार्दिक स्वागत है, संपर्क करें औऱ अपने सम्पर्क सूत्र सहित बताएं, कि आप किस प्रकार  किस स्तर पर कार्य करना चाहते हैं, तथा कितना समय देना चाहते हैं ? आपका आभार अग्रेषित है। 
-तिलक सं 9911111611, 7531949051.9911383670, 9999777358
हम जो भी कार्य करते हैं, परिवार/काम धंधे के लिए करते हैं | देश की बिगडती दशा व दिशा की ओर कोई नहीं देखता | आओ मिलकर इसे बनायें; -तिलक

Thursday, July 10, 2014

राहत का बजट -अच्छे दिनों का शुभारम्भ

राहत का बजट -अच्छे दिनों का शुभारम्भ 
सीमित आय असीमित कष्ट से ऐतिहासिक राहत 
युगदर्पण समाचार 
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अपने बजट प्रस्तावों में 2.5 लाख तक की वार्षिक आय को करमुक्त करने का प्रस्ताव किया है। वरिष्ठ नागरिकों की 3 लाख रुपये तक की आय करमुक्त होगी। जेटली ने अपने बजट प्रस्तावों से करदाताओं को पाँच हजार रुपए से अधिक की राहत दी है। उन्होंने कहा कि विभिन्न योजनाओं में अब 1.5 लाख रुपये तक के निवेश पर कर में छूट मिलेगी। अभी यह सीमा 1 लाख रुपये है। 
सीमित आय वर्ग के कर्मियों पर भी लगाये जाने वाले कर बोझ के असीमित कष्ट से दबे इस वर्ग की, वर्षों से लम्बित इस मांग को संप्रग सरकार ने अन्त तक पूरा नहीं किया था, मोदी की सरकार ने अपने प्रथम बजट में ही, आशा से भी 50 हजार अधिक ऐतिहासिक राहत दे कर, अच्छे दिनों का शुभ संकेत दे दिया है। 
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Sunday, June 29, 2014

मोदी के पहले ही मैच में तिहरा शतक !

मोदी ने पहले ही मैच में तिहरा शतक लगाया: आडवाणी 
surajसूरजकुंड 29 जून भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने ऐसा कोई खिलाड़ी नहीं देखा जिसने अपने पहले ही मैच में तिहरा शतक जमा दिया हो। उनका संकेत लोकसभा चुनाव में राजग को मिली 300 से अधिक सीटों की ओर था। आडवाणी ने यहां भाजपा के पहली बार निर्वाचित सांसदों के लिए आयोजित पार्टी की प्रशिक्षण कार्यशाला के समापन भाषण में कहा, ‘‘पहले ही मैच में ‘तिहरा शतक’ जमाने के लिए नरेंद्र मोदी को बधाई।’’
उन्होंने कहा, ‘‘2004 का चुनाव हारने के बाद मैं सदा भाजपा के पुन: सत्ता में आने का सपना देखा करता था। नरेंद्र मोदी ने उस सपने को सच कर दिखाया है। मैं इसके लिए भी उन्हें बधाई देता हूं।’’ उन्होंने कहा कि टेस्ट क्रिकेट में हमने सुना है कि अपने पहले मैच में कई खिलाड़ियों ने एक या दोहरे शतक जमाये हैं किन्तु मैं ऐसे किसी बल्लेबाज को नहीं जानता, जो अपने पहले ही टेस्ट मैच में कप्तान बन गया हो और उसने उसमें तिहरा शतक भी जमाया हो।
शिविर/नव सांसद नैपुण्य वर्ग में नए सांसदों के सामने बोलते हुए आडवाणी को यह कहने में कोई झिझक नहीं हुई कि भाजपा को इतनी बड़ी विजय नरेंद्र मोदी के कारण मिली। आडवाणी ने कहा, ‘‘नरेंद्र भाई की यह अनूठी उपलब्धि है। प्रधानमंत्री प्रत्याशी के रूप में अपने पहले ही चुनाव में उन्होंने 300 से अधिक सीट दिलाने में राजग का नेतृत्व किया और भाजपा को (अपने बूते अब तक की सबसे अधिक) 283 सीटें दिलाईं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इस ऐतिहासिक सफलता के लिए मैं नरेंद्र मोदी को हार्दिक बधाई देता हूं। और यदि मैं उनके मंत्रिपरिषद के प्रदर्शन के बारे में भी कहूं, तो मैं कहूंगा कि यह सफलता केवल नेता की ही नहीं, बल्कि ‘टीम मोदी’ की भी है।’’
सूरजकुंड में नए भाजपा सांसदों का दो दिन चले इस शिविर/नव सांसद नैपुण्य वर्ग में कुल 11 सत्र हुए, जिनमें नरेंद्र मोदी ने भी सांसदों को सबक दिए। दूसरे दिन आज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक सुरेश सोनी ने उन्हें पार्टी को दिशा देने वाली संघ की विचारधारा के बारे में अवगत कराया तो पार्टी के अन्य नेताओं ने आधुनिक युग के वरदान सोशल मीडिया के महत्व के साथ इसके परिणाम के प्रति आगाह किया। 
केन्द्रीय मंत्री पीयूष गोयल और प्रकाश जावडेकर ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि सोशल मीडिया को आधुनिक समय का वरदान बताने के साथ इसके और आम मीडिया की पंहुच और प्रभाव बहुत व्यापक हो गया है और भाजपा सांसदों को चाहिए कि वे पार्टी के संदेशों को पंहुचाने के लिए इसका उपयोग करें। 
उन्होंने कहा कि एक छोटी सी घटना भी अल्प समय में बड़ी संख्या में लोगों का ध्यान आकर्षित कर सकती है। 
बताया जाता है कि कई नव निर्वाचित सांसदों ने कहा कि सोशल मीडिया के प्रयोग के बारे में उन्हें अधिक जानकारी नहीं है और इस मामले में पार्टी को उनकी सहायता करनी चाहिए।
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Friday, June 27, 2014

भाजपा नवसांसद प्रशिक्षण शिविर' सूरजकुंड,

भाजपा नवसांसद प्रशिक्षण शिविर' सूरजकुंड

मोदी बताएंगे विकत स्थिति में कार्य कैसे करें

सूरजकुंड में भाजपा के प्रशिक्षण शिविर के दौरान नरेंद्र मोदी, राजनाथ सिंह और वेंकैया नायडू।

सूरजकुंड में नए भाजपा सांसदों की 'पाठशाला', मोदी बताएंगे कैसे करें मुश्किल हालात में काम
फरीदाबाद. सूरजकुंड में भाजपा के नए सांसदों का 'प्रशिक्षण शिविर' आरम्भ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को पार्टी के दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का शुभारम्भ किया, जिसमें 195 सांसद नए सांसद शामिल हो रहे हैं। मोदी के अतिरिक्त भाजपा के वरिष्ठ नेता शिविर में नए सांसदों को संसदीय कार्यों की जानकारी देने, अपने अनुभव भी साझा करेंगे।
शिविर की विशेष बातें
- भाजपा के प्राय: 195 सांसद इस शिविर में शामिल हों रहे है। इनमें लोकसभा से 170 और राज्यसभा से 25 सांसद होंगे।
- शिविर में 40 अजा /अजजा सांसद शामिल होंगे। महिला सांसदों की संख्या 30 होगी।
- प्र मं और भाजपा के वरिष्ठ नेता नए सांसदों को संसदीय कार्यवाही के बारे में जानकारी देने, अपने अनुभव भी साझा करेंगे।
- नए सांसदों को प्रशासनिक कार्यों, सांसद निधि के उपयोग आदि के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।
- सांसदों को बताया जाएगा कि विकत परिस्थितियों में कैसे काम करना है और पार्टी को लेकर उन्हें किस प्रकार से जनता और मीडिया के बीच बात रखनी है।
- नए सांसदों को बताया जाएगा कि संसद में कैसे उत्तम प्रश्न उठाएं और शून्‍यकाल के मध्य दोनों सदनों में जनता से जुड़े कौन से महत्‍वपूर्ण मुद्दों पर बात की जाए।
- सांसदों को बताया जाएगा कि वे संसद में अपनी अधिक से अधिक उपस्थिति अंकित कराएं और अपने संसदीय क्षेत्रों में लोगों की समस्‍याओं को किस प्रकार हल करें।
- शिविर में आने वाले सांसदों से एक-एक हजार रुपए शुल्क लिए गए हैं।
- खाना केवल शाकाहारी मिलेगा।
सुरक्षा की व्यवस्था 
इस शिविर के लिए सुरक्षा के कड़े उपाय किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा तीन स्तरीय होगी जिसमें एसपीजी के विशेष प्रकोष्ठ की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी। हरियाणा के पुलिस महानिदेशक एसएन वशिष्‍ठ शुक्रवार को सूरजकुंड पहुंचे और शिविर की सुरक्षा व्यवस्था का आंकलन किया। सुरक्षा स्थल पर पुलिस आयुक्त अरशिंदर सिंह चावला के नेतृत्व में अन्य पुलिस अधिकारी भी विगत कई दिनों से उपस्थित थे। सुरक्षा में 900 से अधिक जवानों की तैनाती की सुचना जाएगी।
शूटिंग रेंज का रूट रहेगा बंद
पता चला है कि कांत एंक्लेव से लेकर सूरजकुंड तक जिस मार्ग से मोदी को लाया जाएगा, उस मार्ग को प्राय: दो घंटे के लिए बंद कर दिया जाएगा। इस राह को लक्ष्य अभ्यास स्थल होने से परिवर्तित कर दिया जाएगा। मोदी के चले जाने के बाद इसे पुन: खोल दिया जाएगा।
नकारात्मक मीडिया के सकारात्मक व्यापक विकल्प का सार्थक संकल्प
-युगदर्पण मीडिया समूह YDMS- तिलक संपादक
पत्रकारिता व्यवसाय नहीं एक मिशन है| -युगदर्पण
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Tuesday, June 24, 2014

'वो आपातकाल'

'वो आपातकाल' सत्ता की अनंत भूख की उपज 
सत्ता की अनंत भूख, उसे बनाये रखने में तानाशाही और बाधाओं को कुचलने में उपजा आपातकाल यह काला अध्याय, भले एक घटना रही हो; किन्तु इस प्रक्रिया का क्रम यही है। जब सत्ता प्राप्ति का लक्ष्य, समाज के हित को भूल कर, साधनों का एकीकृत संग्रह करने हेतु स्वार्थ के वशीभूत होकर, लोभ तुष्टि बन जाये तो परिणाम यही होता है। लोकतंत्र और व्यक्तिगत स्वतंत्रता को महत्वहीन तथा लोभ को लोक से बड़ा मान, संयम को नकार असंयमित व्यवहार की परिणती वह त्रासदी है, जिसे हमने 39 वर्ष पूर्व आपातकाल के रूप में देखा व भुगता। 
जब चुनाव अभियान में सरकारी तंत्र का दुरूपयोग करने के लिए इलाहाबाद कोर्ट ने उन्हें 6 वर्ष के लिए संसद की सदस्यता के लिए अयोग्य ठहरा दिया था। पद छोड़ने के बजाए उन्होंने संविधान को स्थगित कर दिया। अपनी चमड़ी बचाने के लिए प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 25-26 जून 1975, की रात में स्वतंत्रता का हनन कर, स्वार्थ की काली स्याही से अंधकार का आपात अध्याय लिख दिया।
प्राय: एक लाख लोगों को बिना सुनवाई के बंदी बना लिया गया और जिन्होंने उनकी भ्रष्ट सरकार के विरुद्ध आंदोलन का नेतृत्व करने वाले जयप्रकाश नारायण, सहित सभी विपक्षी नेताओं को बंदगृह में डाल दिया गया। सबसे बुरा यह हुआ कि उन्होंने वैधानिक संस्थाओं को नष्ट किया, जो अभी तक नहीं सुधर पाई हैं। आपातकाल की मेरी कई रचनाएँ, जिनका स्मरण कर पा रहा हूँ, 'काव्यांजलिका' में प्रस्तुत हैं। http://www.kaavyaanjalikaa.blogspot.com/ 
हमें समझना होगा कि संविधान की सीमा उल्लंघन और पारदर्शीता का त्याग अनियंत्रित सरकार को तानाशाह बना सकता है। एक सशक्त सरकार का अर्थ होता है एक कर्मशील सरकार, न कि एक व्यक्ति का शासन, जो उस संसदीय लोकतंत्र को नष्ट करता है, जिसका हमने राष्ट्रपति प्रणाली के समक्ष चयन किया है। यहाँ जनता स्वामी है और इसकी आवाज को दबाने के लिए कुछ भी करना, हमारे लोकतांत्रिक, अनेकतावादी और समता के आदर्शों वाले गणतंत्र के मूल तत्व के विपरीत है।
इन सिंद्धातों को खंडित करने वालों को, 1977 में हुए चुनाव ने पराजय से दण्डित किया। यहां तक कि इंदिरा गांधी जैसा प्रभावी व्यक्ति भी चुनाव में पराजित हो गया। यह सब जानना महत्वपूर्ण है जिससे इसकी पुनरावृति नहीं हो। 
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Monday, June 16, 2014

मोदी लौटकर दिल्ली पहुंचे

मोदी संबंधों का नया अध्याय बना लौटकर दिल्ली पहुंचे 
दिल्ली के लिए वापस. यह भूटान यात्रा संस्मरण मेरी स्मृति में उकेरा रहेगा. यह एक बहुत ही संतोषजनक और उत्पादक यात्रा थी।  
भूटान की संसद को संबोधित किया।  भूटान आगे बढ़ता है, और भारत भी भूटान का समर्थन करने के लिए आगे कदम उठाने लगता है।  एक छोटी सी अवधि में, भूटान ने लोकतांत्रिक संस्थाओं में अपार विश्वास विकसित किया है।  यह भूटान की विकास यात्रा के लिए अद्भुत है।  
भूटान के गत बजट में शिक्षा के लिए बड़ी राशी आवंटन के बारे में जान कर प्रसन्न हुआ।  यह भविष्य की पीढ़ियों की भलाई के लिए प्रतिबद्धता को दर्शाता है! भारत भूटान में एक ई लाइब्रेरी नेटवर्क बनाने की योजना है और हम भूटान के छात्रों को दी जा रही छात्रवृत्ति दोगुना करेंगे। 
भारत और भूटान के बीच बंधन आगे बढ़ सकता है! http://nm4.in/1kXqTjQ

Back to Delhi. This Bhutan trip will remain etched in my memory. It was a very satisfying & productive visit. 

Addressed Bhutan's Parliament. When Bhutan moves ahead, India too feels like taking steps ahead to support Bhutan. In a short span of time, Bhutan has developed immense faith in democratic institutions. This is wonderful for Bhutan's development journey. 

Was happy to know about the large allocation for education in Bhutan's last budget. It shows commitment to well-being of future generations! India plans to create an e-library network in Bhutan & we would double scholarships being given to students of Bhutan.

May the bond between India & Bhutan grow further! http://nm4.in/1kXqTjQ
मोदी का एजेंडा है विकास अर्थात न्यूनतम मंत्रिमंडल से अधिकतम परिणाम का संकल्प।
 मीडिया विकल्प बने; पत्रकारिता में आधुनिक विचार, लघु आकार -सम्पूर्ण समाचार -युद।
यह राष्ट्र जो कभी विश्वगुरु था, आज भी इसमें वह गुण,
 योग्यता व क्षमता विद्यमान है | आओ मिलकर इसे बनायें; - तिलक
हम जो भी कार्य करते हैं, परिवार/काम धंधे के लिए करते हैं |
 देश की बिगडती दशा व दिशा की ओर कोई नहीं देखता | आओ मिलकर इसे बनायें; -तिलक

अब शर्मनिरपेक्ष मीडिया

अब शर्मनिरपेक्ष मीडिया को साँप सूंघ गया क्या, जो हिंदू संतों के पड़ा रहते हैं,,?? 
आज तक दिनरात भोंकनेवाले चैनल, मौनव्रत धारी हो गए ? या अपनी नकारात्मकता पर शर्म आ रही है ? 
मोदी का एजेंडा है विकास अर्थात न्यूनतम मंत्रिमंडल से अधिकतम परिणाम का संकल्प।
 मीडिया विकल्प बने; पत्रकारिता में आधुनिक विचार, लघु आकार -सम्पूर्ण समाचार -युद।
भारतीय संस्कृति की सीता का हरण करने देखो | छद्म वेश में फिर आया रावण |
संस्कृति में ही हमारे प्राण है | भारतीय संस्कृति की रक्षा हमारा दायित्व || -तिलक
हम जो भी कार्य करते हैं, परिवार/काम धंधे के लिए करते हैं |
 देश की बिगडती दशा व दिशा की ओर कोई नहीं देखता | आओ मिलकर इसे बनायें; -तिलक